उत्तराखंड

अंकिता भण्डारी हत्याकांड में मजबूत पैरवी के लिये अधिवक्ता अवनीश नेगी सम्मानित

संविधान दिवस पर गोष्ठी में आमजन के संवैधानिक अधिकारों और जन समस्याओं पर चर्चा

पौड़ी। दिनांक 26 नवंबर, 2025

संविधान दिवस के अवसर पर अंकिता भन्डारी हत्याकांड में दोषियों को दण्डित कराये जाने की मजबूत पैरवी करने वाले पूर्व जिला शासकीय अधिवक्ता अवनीश नेगी को नगर के विभिन्न संगठनो ने सम्मानित किया। गोष्टी में नगर की विभिन्न समस्याओं वर चर्चा के बाड उनके निराकरण की मांग की गयी ।

गोष्टी व सम्मान कार्यक्रम का आयोजन प्रादेशिक शिल्पकार संगठन पौड़ी, नागरिक कल्याण मंच पौड़ी, उमेश डोभाल ट्रस्ट एवं नवांकुर नाट्य समूह पौड़ी द्वारा किया गया था । नगर पालिका सभागार में सम्पन्न इस गोष्ठी में मुख्य अतिथि पूर्व जिला शासकीय अधिवक्ता अवनीश नेगी थे।  पौड़ी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेन्द्र नेगी ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की गई।

ज्ञात हो कि जनपद में और पूरे प्रदेश में अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर आम जनमानस में आक्रोश एवं दुख व्याप्त था, पूरा समाज इसको लेकर आंदोलित हुआ। घटना की सीबीआई जांच और इस घटना में संलिप्त राजनीतिक रसूल रखने वाले लोगों को भी चार्ज शीट किए जाने की लड़ाई सुप्रीम कोर्ट तक लड़ी गई थी, किंतु सुप्रीम कोर्ट में भी संगठनों को सफलता नहीं मिल पाई थी। फिर भी एक लचर चार्जसीट के बावजूद भी भी जिला शासकीय अधिवक्ता अवनीश नेगी द्वारा प्रभावपूर्ण पैरवी कर अभियुक्तों को दंडित करवा करवाया गया। जिसकी आम जनमानस द्वारा प्रशंसा की गई।

नगर के उक्त सभी संगठनों द्वारा संविधान दिवस के अवसर पर अधिवक्ता अवनीश नेगी का पुष्प गुच्छ, अंगवस्त्र तथा स्मृति चिन्ह् भेंट कर नागरिक अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत में सर्वप्रथम यूकेडी नेता और बरिष्ठ आंदोलनकारी दिवाकर भट्ट के निधन पर 02 मिनट का मौन रख कर सभा द्वारा उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर डा. भीमराव अंबेडकर के चित्र पर माल्यार्पण किया गया। प्रादेशिक शिल्पकार संगठन के हुक्म सिंह टम्टा द्वारा सभी उपस्थित प्रतिभागियों को संविधान की प्रस्तावना/शपथ का पाठ कराया गया। तत्पश्चात नवांकुर नाट्य समूह की टीम द्वारा एक जन गीत के साथ अजीम प्रेमजी फाउंडेशन द्वारा राज्य सभा टीवी के लिए प्रसिद्ध फिल्म निर्देशक श्याम बेनेगल द्वारा निर्देशित संविधान निर्माण को लेकर संविधान सभा की बैठकों और चर्चा पर आधारित एक डॉक्यूमेंट्री का भी प्रदर्शन किया गया तथा हाल में संविधान से संबंधित पोस्टर गैलरी लगाई गई।                         

उमेश डोभाल ट्रस्ट के सचिव नरेश नौड़ियाल द्वारा अपने स्वागत संबोधन के साथ संविधान का सार संक्षेप में दर्शकों के सम्मुख रखते हुए संविधान में प्रदत्त मौलिक अधिकारों, आपातकाल के उपबंधों, विगत में विभिन्न सरकारों द्वारा अनुच्छेद 356 का उपयोग/ दुरूपयोग, संशोधन प्रक्रिया, 24 वें, 42, 44, 73-74, 86, 101 तथा 106 वें संशोधन का विवरण सहित केशवानंद भारती बनाम भारत संघ पर चर्चा की गई तथा गढवाली, कुमाउँनी, जौनसारी भाषाओं को आठवीं अनुसूची में शामिल करने की कोशिशों सहित राज्य को संविधान की 5-6 के तहत अनुसूचित क्षेत्र में सम्मिलित करवाने हेतु किये जा रहे प्रयासों की जानकारी दी गई।

गोष्ठी में देश में लागू की गई नई श्रम संहिताओं पर चर्चा भी गई मजदूर विरोधी प्रावधानों को तत्काल वापस लेने तथा चुनाव आयोग स्वतंत्रता एवं निष्पक्षता सुनिश्चित करने हेतु मुख्य चुनाव आयुक्त एवं अन्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति प्रक्रिया में तुरंत सुधार करने तथा पर्यावरण कार्यकर्ता/वैज्ञानिक/एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक की रिहाई की मांग सहित राजनीतिक कार्यकर्ताओं/ एक्टिविस्ट के खिलाफ केन्द्रीय ऐजेंसियों के दुरुपयोग रोकने की मांग को लेकर तीन सूत्री प्रस्ताव पास करवाया गया। जिसे जिलाधिकारी पौड़ी के माध्यम से राष्ट्रपति को भेजने का निर्णय लिया गया। अधिवक्ता कुसुम नेगी द्वारा विभिन्न संवैधानिक अधिकार एवं प्रावधानों पर प्रकाश डाला गया।अधिवक्ता अम्रिता रावत द्वारा महिला एवं बाल विकास से संबंधित बहुत सारी उपयोगी जानकारियां दी गई।

नवांकुर के अध्यक्ष और बाल कल्याण समिति के दो बार अध्यक्ष रहे अशोक बड़ा द्वारा बाल अधिकार तथा उनकी परवरिश को लेकर उपयोगी जानकारियां अभिभावकों को दी गई। जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष विनोद नेगी द्वारा संविधान पर जारी हमले और खबरों की ओर श्रोताओं का ध्यान आकृष्ठ किया गया।मुख्यवक्ता शैलजा सिंह द्वारा प्रभावशाली ढंग से संविधान के विभिन्न प्रावधानों पर चर्चा कर संवैधानिक प्रावधानों के बावजूद भी समाज में व्याप्त असमानता, सांप्रदायिक और जातीय नफरत, महिला अधिकारों के हनन के मामले उठाए गये। 

भाजपा अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष द्वारा अपने संबोधन में समाज में गैर बराबरी को समाप्त करने का आह्वान किया गया।

कार्यक्रम के आयोजक संगठनों द्वारा जनपद में बिजली के स्मार्ट मीटर, बिजली तथा पानी के बिलों मे लगातार गैर वाजिब बढोत्तरी, सरकारी सेवाओं में बढती महंगाई, हिंसक जंगली जानवरों के बढते हमले, बंदर, सुवर आवारा पशुओं से उत्पन्न संकट के समाधान को लेकर चलाए जा रहे आंदोलन के बीच राज्य सरकार द्वारा स्मार्ट मीटर लगाना फिलहाल बंद करने के निर्णय को आंदोलन की जीत बताते हुए लंबित मांगों के निराकरण के लिए कृतसंकल्प रहने का निर्णय लिया गया। 

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एडवोकेट अवनीश नेगी ने अपने संबोधन में नागरिकों के अधिकार और प्रक्रिया को लेकर विस्तृत जानकारी दी गई।तत्पश्चात अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं पूर्व जिला शासकीय अधिवक्ता राजेन्द्र नेगी ने अपने अधिकार समझने, कर्तव्यों के पालन व समाज में घटित हो रही रेलिवेंट घटनाओं के उदाहरण लेकर संवैधानिक उपचारों पर प्रकाश डालते हुए ऐसी चर्चाओं में निरंतरता बनाए रखने का भी आह्वान किया गया। गोष्ठी में नवांकुर नाट्य समूह, शिल्पकार संगठन,नागरिक मंच, सीटू, कांग्रेस संगठन के सदस्य, पदाधिकारियों, अधिवक्ताओं, छात्र तथा महिला संगठनों के सदस्यों द्वारा प्रतिभाग किया गया। कार्यक्रम का संचालन श्रीकांत द्वारा किया गया।

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