उत्तराखंड

गुलदार के बढ़ते हमलों की गाज गिरी पौड़ी के डीo एफ० ओ० पर, हटाये गये

गजल्ड में आदमखोर गुलदार के मारे जाने का दावा

मुख्यमंत्री ने जंगली जानवरों के भय वाले इलाको में बच्चो को स्कूल आते – जाते एस्कॉर्ट करने के निर्देश दिये

घटना की सूचना मिलने के 30 मिनट के अन्दर वन विभाग की टीम को मौके पर पहुंचने के निर्देश

गजल्ड में हिंसक/आदमखोर गुलदार मारे जाने के बाद भी सुरक्षा प्रबंध पूर्ववत जारी

आदमखोर ही मारा गया अभी इसकी पुष्टि नहीं हो पायी

पौड़ी : 11 दिसम्बर, 2025

मानव – वन्य जीव संघर्ष की बढ़ती घटनाओं की गाज पौड़ी के डी०एफ० ओ० पर गिरी है। उन्हें सरकार ने तत्काल प्रभाव से हटाने के निर्देश जारी किये हैं। इधर, पौड़ी के निकट गजल्ड गाँव में आतंक का पर्याय बने आदमखोर गुलजार को मारा दिया गया है। 

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शासन स्तर पर एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में पौड़ी के डी० एफ० ओ० को हटाये जाने के निर्देश दिये हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि जिन क्षेत्रों में जंगली जानवरों का अधिक भय है, ऐसे क्षेत्रों में स्कूली बच्चों को स्कूल तक छोड़ने और घर तक लाने के लिए वन विभाग और जिला प्रशासन द्वारा एस्कॉर्ट की व्यवस्था की जाए।

इधर, वन विभाग द्वारा नियुक्त शूटरों ने कल देर सांय आदमखोर गुलदार को मार गिराया है। बताते हैं कि अनुभवी स्थानीय शूटर जॉय हुकिल द्वारा गुलदार को निशाना बनाया गया। ज्ञात हो कि  प्रभावित क्षेत्र में 06 कैमरा ट्रैप, 02 पिंजरे, प्रेशर इम्प्रेशन पैड, एनाईडर तथा अन्य तकनीकी संसाधन स्थापित किए गए थे। दो विभागीय शूटरों के साथ-साथ जनपद के दो अनुभवी स्थानीय शूटर जॉय हुकिल एवं राकेश चन्द्र बड़थ्वाल को भी उच्च स्तर से अनुमति प्राप्त होने पर विभागीय टीम में शामिल किया गया। 07 से 10 दिसम्बर तक ग्राम चवथ, चोपड़ा एवं गजल्ड क्षेत्र में गुलदार की सक्रियता, पगमार्क, कैमरा ट्रैप इमेज तथा वनकर्मियों के प्रत्यक्ष अवलोकन जैसे प्रमाणों के आधार पर उसकी पहचान सुनिश्चित की गई। उक्त अवधि में गुलदार द्वारा दो मवेशियों को क्षति पहुँचाने तथा एक व्यक्ति पर झपट्टा मारने की सूचना भी प्राप्त हुई। निरंतर ट्रैकिंग, गश्त एवं तकनीकी निगरानी के उपरान्त 10 दिसम्बर को सांय 07ः05 बजे गजल्ड-कौडला के मध्य वन विभाग की टीम द्वारा चिन्हित गुलदार को मार गिराया गया। इसके उपरान्त शत-प्रतिशत वैज्ञानिक पुष्टि हेतु मेडिकल एवं डीएनए परीक्षण की प्रक्रिया गतिमान है।

जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने कहा कि वर्तमान में मानव-वन्यजीव संघर्ष की संवेदनशीलता को देखते हुए वन विभाग की टीम पूर्ववत क्षेत्र में तैनात है तथा फॉक्स लाइट, साइरन, कैमरा ट्रैप निगरानी व झाड़ी कटान जैसे सभी सुरक्षा प्रबंध यथावत जारी हैं। उन्होंने आश्वस्त किया है कि मानव-वन्यजीव संघर्ष की स्थितियों में त्वरित, समन्वित एवं प्रभावी कार्यवाही जारी रखी जाएगी, जिससे जनसुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

प्रभागीय वनाधिकारी पौड़ी वन प्रभाग अभिमन्यु सिंह ने बताया कि 04 दिसंबर 2025 को ग्राम गजल्ड में गुलदार के हमले से एक व्यक्ति की मृत्यु के पश्चात लगातार सक्रिय रहे हिंसक गुलदार को चिन्हित कर विभागीय टीम ने विशेषज्ञ शूटरों के सहयोग से 10 दिसंबर, 2025 को करीब सांय 07ः05 बजे मारा गया। वन विभाग द्वारा डीएनए परीक्षण की कार्यवाही जारी है तथा क्षेत्र में सुरक्षा प्रबंध पूर्ववत जारी हैं।

इधर, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में वन विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिये कि मानव वन्यजीव संघर्ष को खत्म करने के लिए वन विभाग के साथ ही शासन-प्रशासन के स्तर पर भी प्रभावी प्रयास किये जाएं।

यह सुनिश्चित किया जाए कि मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटना की सूचना मिलने के 30 मिनट के अन्दर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच जाए। इसके लिए संबंधित डीएफओ और रेंजर की जिम्मेदारी तय की जाए। प्रभावितों को आर्थिक सहायता तत्काल उपलब्ध कराई जाए।                 

मुख्यमंत्री ने पौड़ी में मानव-वन्यजीव संघर्ष की बढ़ती घटनाओं के दृष्टिगत पौड़ी के डीएफओ को तत्काल प्रभाव से वहां से हटाने के निर्देश दिये हैं।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि जिन क्षेत्रों में जंगली जानवरों का अधिक भय है, ऐसे क्षेत्रों में स्कूली बच्चों को स्कूल तक छोड़ने और घर तक लाने के लिए वन विभाग और जिला प्रशासन द्वारा एस्कॉर्ट की व्यवस्था की जाए।

मानव-वन्यजीव संघर्ष में किसी परिवार से कमाने वाले व्यक्ति की मृत्यु होने पर उनके परिवार को आर्थिक परेशानियों का सामना न करना, ऐसी स्थिति से निपटने के लिए वन विभाग प्रभावित परिवार की आजीविका को सहायता देने के लिए दो सप्ताह के अंदर नीति बनाकर प्रस्तुत करे। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनपदों में मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए जिन भी उपकरणों की आवश्यकता है, उन्हें यथाशीघ्र उपलब्ध कराया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी पहली जिम्मेदारी वन्यजीवों से लोगों के जीवन को बचाना है, इसके लिए नई तकनीक के इस्तेमाल पर विशेष ध्यान दिया जाए। जंगली जानवर आबादी क्षेत्रों में न आये, इसके लिए स्थाई समाधान पर विशेष ध्यान दिया जाए। बैठक में वन मंत्री सुबोध उनियाल, प्रमुख सचिव आरके सुधांशु, सचिव शैलेश बगोली, विनय शंकर पांडेय, सी रविशंकर, प्रमुख वन संरक्षक रंजन मिश्रा, अपर सचिव हिमांशु खुराना शामिल हुए।

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