तो क्या गुलदार की सक्रियता डीएफओ अभिमन्यु के तबादले से घटेगी ?
महातिम यादव होंगे गढ़वाल वन प्रभाग के नये डीएफओ
पौड़ी। 15 दिसम्बर, 2025
सरकार ने गढ़वाल वन प्रभाग के डी० एफ० ओ० अभिमन्यु का तबादला गुलदार / बाघ की बढ़ती सक्रियता के कारण किया। परन्तु यह बात अभी भी समझ से परे है कि क्या उनके तबादले से गुलदार अपनी सक्रियता कम कर देंगे। उप वन संरक्षक अभिमन्यु को यहाँ गढवाल वन प्रभाग से हटाने के बाद नन्दादेवी राष्ट्रीय पार्क ज्योतिर्मठ भेजा गया है जबकि उनके स्थान पर वहाँ से महातिम यादव को गढ़वाल वन प्रभाग में लाया गया है।
सरकार के इस फैसले से गढ़वाल में गुलदारों की सक्रियता पर कितना असर होता है या फिर नये डीएफओ के आने पर गुलदार / बाघ अपने हमले कितने कम करते हैं यह तो आगे वक्त बतायेगा परन्तु यह बात गले नहीं उतरती कि गुलदारों की बढ़ती सक्रियता उनके तबादले का कारण बन सकती है। तो क्या गुलदार डीएफओ अभिमन्यु को नापसन्द करते थे। या फिर अब वह महातिम यादव को यहाँ आने पर पसन्द करने लगेंगे और हमले कम कर देंगे। या फिर आक्रोशित लोगों को दिखाने के लिये सरकार ने कार्रवाई के नाम पर उनको हटाने की कारवाई की है।

माना जा सकता है कि गुलदार की सक्रियता की तरह अधिकारियों की भी सक्रियता काम करती है लेकिन अभिमन्यु के बारे में ऐसी कोई खबर कभी छन कर नहीं आयी कि उन्होंने गुलदार /बाघ की सक्रियता पर अपनी सक्रियता कम की हो। उनके पास संसाधन वही थे जो अब महातिम के पास होंगे। तब गुलदार की बढ़ती सक्रियता वे कैसे कम करेंगे, यह भी देखने लायक होगा। तो क्या डीएफओ महातिम के डर से गुलदार की सक्रियता कम होगी। मगर एक संयोग यह भी हो सकता है कि लोगों में अब बढ़ती जागरुकता से गुलदार के हमले कम होने लगें।
वैसे यह सरकार का विशेषाधिकार है कि वह अपने किसी भी अधिकारी / कर्मचारी का तबादला प्रशासनिक आधार पर कर सकती है लेकिन यहाँ तो गुलदार / बाघ की सक्रियता के कारण उन्हें हटाये जाने की बात कही गयी है। इसलिये अब उम्मीद करनी चाहिए कि नये डीएफओ के आने पर गुलदार लगभग निष्क्रिय ही पड़े रहें अन्यथा कहीं ऐसा न हो कि अब की बार डीएफओ के साथ पूरे वन महकमे का तबादला न हो जाय।



