अरे सरकार… अपराधी हैं कि मानते ही नहीं…..
हल्द्वानी में पत्थरों से कुचल कर किया गया डब्बल मर्डर
पौड़ी। 12 फरवरी, 2026
पिछले कुछ दिनों से उत्तराखण्ड में अपराधियों के हौसले बुलन्द हैं। लोगों के साथ सरकार भी लगातार बढ़ रहे अपराधों से डरी – डरी नजर आती है। आज हल्द्वानी में हुआ सनसनीखेज डब्बल मर्डर ने तो मानो रही – सही कसर पूरी कर दी। पुलिस महकमा उत्तर प्रदेश की तरह अपराधियों के पैरों पर निशाना साध कर उनमें खौफ भरने की लगातार कोशिश कर रहा है परन्तु अपराधी हैं कि मानते ही नहीं।
आज हल्द्वानी में युवक और युवती की निर्मम हत्या ने पूरे प्रदेश को झकझोरा है। आज सुबह शहर के गल्ला मंडी इलाके में गोदामों के पास एक युवक और एक युवती के शव खून से लथपथ हालत में पड़े मिले। इन्हें सबसे पहले वहाँ काम कर रहे श्रमिकों ने देखा। उहोंने इसकी सूचना पुलिस को दी। दोनों के सिर और चेहरा भारी पत्थरों से कुचला गया था। घटनास्थल पर खून सने पत्थर बरामद हुए हैं। जानकारी के अनुसार मृतकों की पहचान 31 वर्षीय शुभम टम्टा (निवासी तल्ला खोलटा, लोहर माल रोड, अल्मोड़ा) और 19 वर्षीय लक्ष्मी (निवासी तल्ली पोखरी, नैनीताल) के रूप में की जा रही है।
प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से क्राइम का ग्राफ बढ़ता जा रहा है। सरकार की पेशानी पर पसीने की बूंदें हैं। यह स्वाभाविक ही है। सरे आम दिन दहाड़े ही आम बाजार में कत्ल हो रहे हों तो पब्लिक के निशाने पर तो सरकार ही आयेगी। ऐसी स्थिति न आये इसके लिये सरकार का चिन्तित होता भी जरूरी होता है। सरकार चिन्ता कर रही है, यह बात कल मुख्यमंत्री की हाई लेबल मीटिंग से भी पता चलती है। इसमें मुख्यमंत्री ने पुलिस महकमें को सख्त निर्देश दिये हैं कि उन्हें रिजल्ट चाहिए। पुलिस भी कानून व्यवस्था की बिगड़ती सेहत को ठीक करने हेतु हाथ – पैर मारने लगी है। बहुत अधिक कामयाब तो वह नहीं हुई मगर तिब्बती मार्केट में अर्जुन शर्मा मर्डर केस में उसे जरूर कुछ कामयाब मिली और उसने हत्या काण्ड में शामिल दोनों अपराधियों को एन्काउन्टर के बाद गिरफ्तार कर दिया है।
प्रदेश में बीते दो महीनों में हुई आपराधिक वारदातों को देखें तो स्थिति और भी भयावह दिखाई देती है। 2 फरवरी को मच्छी बाजार, देहरादून में गुंजन की गला रेतकर हत्या, 31 जनवरी को ऋषिकेश शिवाजी नगर में एम्स की सहायिका प्रीति रावत की गोली मारकर हत्या, 29 जनवरी को ढालीपुर विकासनगर में 18 वर्षीय छात्रा का संदिग्ध परिस्थितियों में शव मिलना, 26 दिसंबर को सेलाकुई में त्रिपुरा के छात्र एंजेल चकमा की चाकू मारकर हत्या—ये सभी घटनाएं राजधानी क्षेत्र में बिगड़ती कानून व्यवस्था की ओर ही इशारा कर रही हैं। ये घटनाएं किसी एक क्षेत्र की नहीं, बल्कि पूरे राजधानी क्षेत्र और आसपास के इलाकों की हैं। अब आज हल्द्वानी में डब्बल मर्डर ने यह साबित किया है कि अपराधियों के हौसले राजधानी क्षेत्र में ही बुलन्द नहीं बल्कि वे प्रदेश में वेखौफ कहीं भी इन वारदातों को अंजाम दे सकते हैं।
इस सब के ऊपर दुर्भाग्यपूर्ण और सबसे चिंताजनक तथ्य यह है कि अपराध अब छिपकर नहीं, बल्कि खुलेआम हो रहे हैं। तिब्बती मार्केट जैसे भीड़भाड़ वाले क्षेत्र में गैस एजेंसी संचालक अर्जुन शर्मा की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या होना केवल एक हत्या नहीं, बल्कि पूरे प्रशासनिक तंत्र पर सवालिया निशान है। तिब्बती मार्केट देहरादून के हृदयस्थल ही नहीं बल्कि भीड़भाड़ भरा व्यस्ततम मार्केट है। ऐसी जगह जब सुबह सवेरे दुकानें खुलने के तुरन्त बाद गोलियों की तड़ – तड़ सुनायी दे तो आम आदमी कैसा महसूस करेगा, समझा जा सकता है।



