दो बार के नाकाम सर्वें के बाद मोटरमार्ग निर्माण हेतु तीसरी बार सर्वे की तैयारी
तीन सालों में सर्वे कार्य से आगे नहीं बढ़ पाया सिंगोरी - फैड़खाल / गोडख्याखाल मोटरमार्ग

पौड़ी। सिंगोरी- फैड़खाल / गोडख्याखाल मोटरमार्ग निर्माण हेतु दो बार की सर्वे के बाद भी कामयाबी नहीं मिल पायी है। अब विभाग द्वारा तीसरी बार की सर्वें की तैयारी की जा रही है। इस सम्बन्ध में लोक निर्माण विभाग, श्रीनगर के अधिशासी अभियन्ता ने अधीनस्थ जूनियर इन्जीनियर को एक सप्ताह में प्रगति आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिये हैं।
कठूली विकास संयुक्त संघर्ष समिति के संयोजक व वरिष्ठ पत्रकार बिमल नेगी ने इस सम्बन्ध में 26 सितम्बर को लोक निर्माण विभाग श्रीनगर के अधिशासी अभियंता किशोर कुमार से उनके कार्यालय में मुलाकात की । उन्होंने सिंगोरी – फैड़खाल /गोडख्याखाल मोटरमार्ग निर्माण की प्रक्रिया को गति दिये जाने की मांग की । उन्होंने बताया कि इस मार्ग को वित्तीय व प्रशासनिक स्वीकृति मिले तीन साल से अधिक समय हो गया है लेकिन अभी तक कार्य में दो बार के नाकामयाब सर्वें के अतिरिक्त प्रगति जीरो है। उन्होंने इस बात से इन्कार किया कि इस मोटरमार्ग पर किसी तरह का कोई विवाद है। उन्होंने अधिशासी अभियंता से स्पष्ट किया कि मोटरमार्ग निर्माण की मांग को लेकर सभी ग्रामीण एकजुट हैं और शीघ्र ही स्वीकृत मोटरमार्ग का निर्माण देखना चाहते हैं।
कठूली संयुक्त विकास समिति के संयोजक श्री नेगी ने अधिशासी अभियन्ता को बताया अभी तक दो बार का सर्वें मोटरमार्ग की स्वीकृत दूरी 3 किमी० से लगभग दुगनी दूरी का सर्वे होने के कारण खारिज किया गया । उन्होंने बताया कि उक्त दो बार के सर्वे पर यदि डी०पी०आर० बनती तो लगभग दो से तीन किमी 0 मोटरमार्ग की अतिरिक्त स्वीकृति के लिये पुनः शासन को प्रस्ताव भेजना पड़ता । इसके साथ ही वन विभाग को भी अलग से स्वीकृति लेनी पड़ती । इसलिये अब सभी ग्रामीण इस बात पर सहमत है कि अतिरिक्त मोटरमार्ग की स्वीकृति न ले कर इसी स्वीकृत तीन किमी० मोटरमार्ग को चाय बगान व कमलपुर को लाभ देते हुए खिर्सू – पौड़ी मुख्य सड़क तक पहुंचाया जाय । तथा तीन किमी० के दायरे में या उससे अतिरिक्त डेढ़ – दो सौ मीटर के एक छोटे पैच पर वन विभाग से रोड कटिंग की स्वीकृति हेतु फाइल आगे बढायी जाय ।
अधिशासी अभियन्ता श्री कुमार ने इस मामले में तुरन्त अपने अधीनस्थ जूनियर इन्जीनियर दिव्या बडोनी को निर्देश दिये कि अगले सप्ताह के शनिवार तक उन्हें इस मामले में होने वाली अग्रिम सर्वे की प्रगति से अवगत कराया जाय । उन्होंने आश्वासन दिया कि सर्वे पूर्ण होने पर यथाशीघ्र डीपीआर बनाकर शासन को बजट आबंटन हेतु प्रस्ताव भेजा जायेगा ।
इधर, मोटरमार्ग निर्माण न होने से पिछले कई सालों से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। पौड़ी-खिर्सू मोटरमार्ग पर फैड़खाल /गोड़ख्याखाल से सिंगोरी (दुगड़डा) तक तीन किमी० मोटरमार्ग का निर्माण इस मार्ग से थापला व जाख होते हुए एनआईटी एवं श्रीनगर पहुंचने के लिये थलीसैण व पाबौ ब्लॉक के लोगों के लिये भी सुगम और आसान मार्ग होगा।
ग्रामीणों का कहना है कि स्थानीय विधायक व कैबिनेट मन्त्री धन सिंह रावत द्वारा कठूली गाँव की सभी समस्याओं को प्राथमिकता से हल करने की बात कही जा रही है। उन्हीं के प्रयासों से शासन से इस मोटरमार्ग के निर्माण की वित्तीय स्वीकृति भी मिली है लेकिन सर्वें तक ही बात सिमट कर रहने के कारण कठूली ग्रामवासियों में भारी रोष व्याप्त है। ग्रामीणों ने कैबिनेट मन्त्री धन सिंह रावत से इस मोटरमार्ग के शीघ्र निर्माण की मांग की है।
गौरतलब है कि कठूली गाँव की थापला सहित करीब चार ग्रामसभाओं को जिला मुख्यालय पौड़ी आने-जाने के लिए 13 किमी0 का सफर अतिरिक्त तय करना पड़ता है। इससे उनका समय और धन दोनों बर्बाद हो रहा है। जबकि फैड़खाल / गोड़ख्याखाल से सिंगोरी तक पहुँचने के लिए ग्रामीणोें को केवल तीन किमी0 की दूरी ही तय करनी पड़ेगी। इससे धन व समय के बचत के साथ ही ग्रामीणों को बरसात के समय वैकल्पिक सुगम मार्ग भी पौड़ी मुख्यालय व श्रीनगर तहसील तक पहुंचने हेतु उपलब्ध होगा।
क्षेत्रीय जनता की अपने विधायक व कैबिनेट मन्त्री धनसिंह रावत से पुरजोर मांग है कि समय समय पर उनके द्वारा ली जाने वाली अपने क्षेत्र में लोक निर्माण विभाग की समीक्षा बैठक में इस मुद्दे को भी गभ्भीरता से परखें और ग्रामीणो की इस सड़क की मांग को यथा शीघ्र पूर्ण करने में व्यक्तिगत रुचि लें। ग्रामीणों का आशंका है कि कहीं ऐसा न हो कि उनका दस साल का कार्यकाल निकल जाय और क्षेत्रवासियों की यह महत्वपूर्ण मांग धरी रह जाय ।
दिनांक : 27 सितम्बर, 2025



