उत्तराखंड

अनियोजित विकास से प्रदेश में आपदाओं को न्योता

मुख्य वक्ता ने पहाड़ संस्था द्वारा आयोजित अस्कोट - आराकोट यात्रा के अपने अनुभवों पर स्लाइड शो के माध्यम से सामाजिक बदलावों पर चर्चा की

पौड़ी। 21 दिसम्बर, 2025 

राजेन्द्र रावत ‘राजू’ की 16वीं याद के मौके पर आयोजित वीर चद्रसिंह गढवाली व्याख्यानमाला में बोलते हुए मुख्य वक्ता वरिष्ठ पत्रकार व समाजसेवी गजेंद्र रौतेला ने अस्कोट से आराकोट तक यात्रा की चर्चा करते हुए कहा कि प्रदेश में अनियोजित विकास आपदा का कारण बन रहा है। .

उमेश डोभाल स्मृति ट्रस्ट द्वारा आयोजित ‘वर्तमान में उत्तराखण्ड और उसके सवाल’ विषय पर आयोजित कार्यक्रम में धराली, थराली और छेनागाड़ आपदा का जिक्र करते उन्होंने स्लाइड शो के जरिये यह बताने का प्रयास किया कि असन्तुलित व अनियोजित विकास से ही हम आपदाओं का न्योता दे रहे हैं। उन्होंने प्रदेश में
बढ़ते मानव – जंगली जानवर के संघर्ष को भी आपदा बताते हुए कहा कि सरकार को इसे न्यून करने उपाय खोजने होंगे। उन्होंने पर्यावरणीय बदलावों पर चेताते हुए कहा कि इस पर गहराई  से चिन्तन करना होगा और तदनुसार नीतियाँ निर्धारित करनी होंगी ।   

 उन्होंने अपनी *अस्कोट से अराकोट यात्रा* के अनुभवों के आधार पर पावर प्वाइंट प्रजेंटेशन के माध्यम से विस्तार से अपनी बात रखी। इस दौरान श्रोताओं द्वारा पूछे गये सवालों का भी उनके द्वारा विस्तृत उत्तर दिये गये। इससे पूर्व *रीजनल रिपोर्टर* की संपादक गंगा असनोड़ा द्वारा राजेन्द्र रावत ‘राजू’ को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उमेश डोभाल हत्याकांड के पश्चात की परिस्थितियों और ‘राजू’ के संघर्ष को याद किया। 

अस्कोट- अराकोट यात्रा की सहयात्री रही जेएनयू की शोध छात्रा अंकिता ओझा ने भी तथ्य परक ढंग से अपने अनुभव और निष्कर्ष को साझा किया। 

कार्यक्रम का आरंभ राजेन्द्र रावत ‘राजू’ के जीवन, व्यक्तित्व और उनके संघर्ष और सामाजिक योगदान पर एक फिल्म का भी प्रदर्शन किया गया।

कार्यक्रम में राजेन्द्र रावत स्मृति निबंध प्रतियोगिता के विजेता छात्र-छात्राओं को पुरस्कार वितरित किये गये। प्रतियोगिता में जीजीआईसी की प्रियांशी मंद्रवाल ने प्रथम, गुनगुन ने द्वितीय, ऐश्वर्या नौटियाल ने तृतीय तथा इल्मा परवीन सैफी ने चतुर्थ स्थान प्राप्त किया। एमआईसी के शिवम, डीएवी के मरियम, मंजीत गौड़ियाल, तथा शाहरुख़ खान को सांत्वना पुरस्कार प्रात हुए। 

कार्यक्रम के दौरान *नवांकुर नाट्य समूह* की टीम ने अपने जनगीत से समा बांध दिया। 

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे रिटायर्ड आईएएस सुंदर लाल मुयाल द्वारा किया गया । अपने अध्यक्षीय संबोधन में तमाम चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि ऐसा नहीं है कि राज्य बनने के बाद परिस्थितियों में बदलाव न हुआ हो। इस दौरान युवाओं के लिए अवसरों में बृद्धि भी हुई है और विकास भी हुआ है। 

कार्यक्रम में महासचिव नरेश नौडियाल, ट्रस्टी रवि रावत, कोषाध्यक्ष सुरेन्द्र रावत, मनोज रावत अंजुल, कमलेश मिश्रा, मनोज दुर्बी, केशर असवाल व डॉ० मदनमोहन नौडियाल, रघुवीर रावत आदि अनेक लोगों ने शिकत की। संचालन पूर्व महासचिव आशीष ने किया ।

 

 

 

 

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