पर्यावरण

भारत का लोकतन्त्र देश के बड़े कॉरपोरेट घरानों में कैद हो गया

हिमालय में अनियंत्रित निर्माण कार्यों पर प्रतिबन्ध लगाया जाय

दिनांक : 15 सितम्बर, 2025

देहरादून । हिमालय में अनियंत्रित निर्माण कार्यों पर प्रतिबन्ध लगाया जाय । यह कहना है मैग्सेसे पुरस्कार से सम्मानित भारत के जल पुरुष राजेंद्रसिंह का । उन्होंने कहा कि देश में लोकतंत्र संकट के सबसे बुरे दौर में गुजरते हुए, औद्योगिक घरानों में कैद हो गया है।

दून लाइब्रेरी और शोध केंद्र में जल बिरादरी द्वारा हिमालय के विकास की नीति पर आयोजित सम्मेलन में मुख्य वक्ता के रूप में राजेंद्र सिंह ने कहा कि पहाड़ों का विकाश सुरंगों में कैद हो कर रह गया हे। उत्तराखंड की यात्रा पर निकले राजेंद्र ने कहा कि सड़क, निर्माण में वनों की अंधाधुंद कटाई ओर पर्यटन के नाम पर पहाड़ों से छेड़छाड़ से आपदाएं मानव जाति के अस्तित्व के लिए गम्भीर संकट उत्पन्न हो गया है।

(कृपया, निम्न लिंक को सलेक्ट करें । फिर ओपन पर क्लिक कर वीडियो देखें ।)

https://youtu.be/JKFXZgsA4VU?si=1tZXKn08szS4Q-q8

राजेंद्र सिंह का कहना था कि पंजाब में हाल की बाढ़ के लिए केंद्र सरकार दोषी रही है। इसका खुलासा करते हुए उन्होंने बताया कि,केंद्र सरकार ने राज्य में भाखड़ा बांध से जुड़े पंजाब के तीन बांधो का नियंत्रण अपने हाथ में लेने से इनका पानी तब छोड़ा गया,जब पंजाब जलमग्न हो गया।

जल पुरुष ने कहा कि हिमालय की वर्तमान आपदाएं आल वेदर रोड ओर भोगवादी पर्यटन से उपजी हैं। इसकी हरियाली और कंक्रीट के रूप में उगते भवन निर्माण से चारागाह ओर बुग्याल समाप्त होने, बादल फटने ओर अनियंत्रित वर्षों से भू धंसाव की संख्या और आकार बढ़ता जा रहा है।

राजेंद्र सिंह का कहना था कि सरकार कि नीतियां बड़े औद्योगिक घरानों के हित को ध्यान में रख कर ही बनाई जा रही हैं, जिनका उद्देश्य ही एकमात्र मुनाफा कमाना है।

सम्मेलन में सरकार से मांग की गई कि उत्तराखंड में आपदाओं की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए, एन जी टी की शिफारिशों को लागू कर उच्च और संवेदनशील हिमालय में अनियंत्रित निर्माण कार्यों पर प्रतिबंध लगाया जाए।

कार्यशाला में प्रो .वीरेंद्र पैन्यूली, कवि अतुल शर्मा, शैलेन्द्र नौटियाल, मनोज ध्यानी, पद्मश्री कल्याण सिंह रावत, डॉ योगेश धस्माना, पत्रकार प्रेम पंचोली, पर्यावरणविद भारत भूषण रावत और दून लाइब्रेरी के चंद्रशेखर तिवारी, रंगकर्मी नन्द लाल भारती और पत्रकार विजयेंद्र सिंह रावत ने चर्चा में भाग लिया। कार्यक्रम का संचालन सुरेश भाई ने किया।

= डॉ० योगेश धस्माना की रिपोर्ट

डॉ० योगेश धस्माना, चर्चित इतिहासविद्        एवं वरिष्ठ पत्रकार

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