जनपद के 20 विद्यालयों में ग्राम प्रहरी संभालेंगे एस्कॉर्ट व्यवस्था
वन्य जीव सक्रियता के बीच बच्चों की सुरक्षा हेतु ग्राम प्रहरियों की तैनाती

पौड़ी। 15 दिसम्बर, 2025
जनपद के 20 संवेदनशील विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों को घर से विद्यालय तक छोड़ने और विद्यालय से सुरक्षित वापस लाने के लिए ग्राम प्रहरियों की तैनाती की गयी है।
जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने जनपद में स्कूली बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए जिला प्रशासन को ये निर्देश दिये थे। जिला प्रशासन ने वन्य जीवों की बढ़ती सक्रियता और मानव वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं को देखते हुए जनपद के 20 संवेदनशील विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों को घर से विद्यालय तक छोड़ने और विद्यालय से सुरक्षित वापस लाने के लिए ग्राम प्रहरियों की तैनाती की है। 
बीते दिनों जिलाधिकारी ने सभी विकासखंडों के शिक्षाधिकारियों के साथ बैठक कर बच्चों की सुरक्षा हेतु एस्कॉर्ट व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की थी। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि घर से विद्यालय तक बच्चों की सुरक्षा को प्रभावी ढंग से सुनिश्चित किया जाय। इसके लिए उन्होंने उन विद्यालयों की सूची तत्काल उपलब्ध कराने को कहा, जहां एस्कॉर्ट व्यवस्था की सबसे अधिक आवश्यकता हो। उस बैठक में शिक्षकों को भी बच्चों को एस्कॉर्ट करने की बात कही गयी थी।
जनपद में लगातार सामने आ रही वन्य जीव एवं मानव संघर्ष की घटनाओं को ध्यान में रखते हुए वन विभाग द्वारा संवेदनशील क्षेत्रों का चिन्हांकन किया गया। इसके आधार पर मुख्य शिक्षा अधिकारी ने विकासखंड खिर्सू, कल्जीखाल, पौड़ी, कोट, बीरोंखाल, जयहरीखाल, द्वारीखाल एवं पोखड़ा के अंतर्गत संवेदनशील क्षेत्रों में संचालित 20 विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को सुरक्षा एस्कॉर्ट उपलब्ध कराने का अनुरोध जिलाधिकारी से किया था। 
जिलाधिकारी ने इस पर निर्णय लेते हुए इन सभी संवेदनशील विद्यालयों में जाने वाले बच्चों की सुरक्षा के लिए ग्राम प्रहरियों की तैनाती कर दी है। अब ग्राम प्रहरी बच्चों को घर से विद्यालय तक पहुंचाने और विद्यालय से सुरक्षित वापस लाने का कार्य कर रहे हैं। इसके साथ ही विद्यालय प्रबंधन समिति, ग्राम प्रहरी और वन विभाग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर बच्चों की सुरक्षा से जुड़े सभी आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।



