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सबसि म्यारा मोती ढांगा, तीलै धारू बोला….
लेखक – चिन्मय सायर जन्म – 1948 निधन – 2016 (ग्राम – अन्दरसौं रिखणीखाल, पौड़ी गढ़वाल…
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धीमी आंच में ही सही खिचड़ी तो पक रही है
पौड़ी । धीमी आंच में ही सही लेकिन लगता है भारतीय जनता पार्टी के भीतर खिचड़ी जरूर पक रही है।…
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सृजनधर्मिता के लिये डॉ० उमेश चमोला को हिमवन्त साहित्य सम्मान
रुद्रप्रयाग । हिन्दी और गढ़वाली में अब तक विभिन्न विषयों व विधाओं में 22 से अधिक पुस्तकों का सृजन करने…
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जोगण रूप कुवंरि बसन्तदेई
कथाकार – कमल रावत खंडाह घाटी गडोला क सात मादेब द्युलों मा दांदणी को विश्वेश्वर मादेब सबमा भव्य अर…
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सत्ता के साथ चहलकदमी से बेखौफ अपराध तक
हिमांशु को गिरफ्तार कर ले जाती पौड़ी पुलिस । पौड़ी । आपराधिक मानसिकता के लोगों के सत्ता के…
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पाड़ को टुट्वा अर पाड़ को ठट्ठा ह्वे ये मानसून सत्र मा
पौड़ी। वाह रे, उत्तराखण्ड विधान सभा के मानसून सत्र ! मानसून की तरह दनदनाते हुए जिस स्पीड से आया…
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पांच मुख्यमंत्रियों की घोषणा /स्वीकृति, फिर भी संग्राहलय निर्माण कार्य उपेक्षित
पौड़ी । पौड़ी में एक ख्वाव के साकार होते में पांच दशक बीत जायेंगे, यह अकल्पनीय लगता है…
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पहाड़ में भोगे यथार्थ का आइना है ‘मेरे हिस्से का पहाड़’
कथाकार बिमल नेगी का ताजा कहानी संग्रह – मेरे हिस्से का पहाड़ समीक्षक : वरिष्ठ साहित्यकार, मनोहर चमोली ‘मनु’…
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हमुन् जैई बळदौ पैनो सिंग काया, वेनै हम पर घपगताळ लगाया
गढ़वाली कविता मा गुठ्यार, गुठ्यारमा कविता अर गुठ्यारौ कवि याने कि रघुवीर सिंह रावत’अयाळ’। कवि सम्मेलन मंच का आक्रामक कवि-केवल…
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तन्नि तान तन्नि तून, तन्नि ड्यबरि तन्नि ऊन
पौड़ी । तन्नि तान तन्नि तून, तन्नि ड्यबरि तन्नि ऊन । गढ़वाली की यह कहावत हमारे आज सम्पन्न पंचायती चुनावों…
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